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प्रश्न. 1. निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए : 10

पड़ोस सामाजिक जीवन के ताने-बाने का महत्वपूर्ण आधार है। दरअसल पड़ोस जितना स्वाभाविक है, हमारी सामाजिक सुरक्षा के लिए तथा सामाजिक जीवन की समस्त आनंदपूर्ण गतिविधियों के लिए वह उतना ही आवश्यक भी है। यह सच है कि पड़ोसी का चुनाव हमारे हाथ में नहीं होता, इसलिए पड़ोसी के साथ कुछ-न-कुछ सामंजस्य तो बिठाना ही पड़ता है । हमारा पड़ोसी अमीर हो या गरीब, उसके साथ संबंध रखना सदैव हमारे हित में होता है । पड़ोसी से परहेज करना अथवा उससे कटेकटे रहने में अपनी ही हानि है, क्योंकि किसी भी आकस्मिक आपदा अथवा आवश्यकता के समय अपने रिश्तेदारों तथा परिवार वालों को बुलाने में समय लगता है । ऐसे में पड़ोसी ही सबसे अधिक विश्वस्त सहायक हो सकता है । पड़ोसी चाहे कैसा भी हो, उससे अच्छे संबंध रखने चाहिए । जो अपने पड़ोसी से प्यार नहीं कर सकता, उससे सहानुभूति नहीं रख सकता, उसके साथ सुख-दुख का आदान-प्रदान नहीं कर सकता तथा उसके शोक और आनंद के क्षणों में शामिल नहीं हो सकता, वह भला अपने समाज अथवा देश के साथ भावनात्मक रूप से कैसे जुड़ेगा। विश्व-बंधुत्व की बात भी तभी मायने रखती है, जब हम अपने पड़ोसी से निभाना सीखें।

(क) सामाजिक जीवन में पड़ोस का क्या महत्त्व है ? 2

(ख) पड़ोसी के साथ संबंध रखना हमारे हित में किस तरह से है ? 2

(ग) हमें पड़ोसी से निभाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए ? 2

(घ) “विश्वस्त सहायक' से क्या अभिप्राय है ? पडोसी को विश्वस्त सहायक क्यों कहा गया है ? 2

(ङ) लेखक ने विश्व-बंधुत्व की बात किस संदर्भ में की है ? 1

(च) उपर्युक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक लिखिए । 1

Answer:

(क) सामाजिक जीवन में पड़ोस का विशेष महत्त्व है  पड़ोस सामाजिक जीवन के ताने-बाने का महत्वपूर्ण आधार है। हमारी सामाजिक सुरक्षा तथा सामाजिक जीवन की आनंदपूर्ण
गतिविधियों के लिए भी पड़ोस अत्यंत आवश्यक है।
 

(ख) हमें अपने पड़ोसी से यथासंभव सामंजस्य बनाकर रखना चाहिए। उससे अच्छे संबंध बनाकर रखने में ही फायदा है क्योंकि किसी भी आकस्मिक आपदा या आवश्यकता के समय अपने रिश्तेदारों और परिवारवालों के बुलाने में समय लगता है। संचार की सुविधा होने पर भी उनसे मदद मिलने की शत-प्रतिशत गारंटी नहीं होती है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि पड़ोसी के साथ सामंजस्य बिठाना हमारे लिए हितकर होता है।

(ग) हमें अपने पड़ोसी के साथ अच्छा व्यवहार करना और भावनात्मक जुड़ाव रखना चाहिए। उनके ख़ुशी के क्षणों में शामिल होना चाहिए तथा दुख में उनसे सहानुभूति रखते हुए सहयोग प्रदान करना चाहिए।

(घ) विश्वस्त सहायक वह होता है जिस पर हम मुसीबत के समय आँख मूंदकर भरोसा कर सकें। कोई भी कठिनाई आने पर मित्रों और रिश्तेदारों के आने से पूर्व हमारे पड़ोसी ही हमारी सहायता करते हैं। इसीलिए उन्हें विश्वस्त सहायक कहा गया है।

(ङ)  लेखक ने विश्व-बंधुत्व की बात   पड़ोसी से संबंधों के संदर्भ में कही है।

(च) शीर्षक – पड़ोसी का महत्व

 


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